bro fuck sis story

हेलो दोस्तों मैं शहज़ादी हूं, आज मैं एक नई सेक्स स्टोरी लेकर आ गई हूं जिसका नाम है “बहन की वर्जिन चूत का मजा चखा मां के सामने – bro fuck sis story” यह कहानी अर्जुन की है आगे की कहानी आपको सुहैल बताएँगे मुझे यकीन है कि आप सभी को यह पसंद आएगी

दोस्तों, मेरा नाम अर्जुन है।
मैं 23 साल का हूँ।
मैं नोएडा में एक छोटे से फ़्लैट में रहता हूँ। (bro fuck sis story)

मेरे पिता का नाम अनिल है; वे लगभग 52 साल के हैं।
वे एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं और अक्सर बिज़नेस ट्रिप के लिए विदेश जाते रहते हैं।

मेरी माँ का नाम अदिति है।
वे 45 साल की हैं। उनका रंग गोरा है, बाल लंबे और काले हैं, और शरीर अभी भी भरा-पूरा और आकर्षक है।

उनके big boobs और भारी हैं, और moti gand और गोल हैं।
जब वे घर में मैक्सी पहनकर घूमती हैं,
तो उनकी कमर और पिछला हिस्सा साफ़ दिखाई देते हैं।

मेरी बड़ी बहन का नाम इशानी है।
वह 25 साल की है और कॉलेज खत्म करने के बाद अभी घर पर ही है।
इशानी बिल्कुल माँ जैसी है पतली कमर, लेकिन भरे हुए बूब्स और चूतड़।
वह अक्सर घर पर टाइट टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहनती है।

bhai ne bahan ki chut ki seal todi (bro fuck sis story)

पापा को अचानक कंपनी के काम से 15 दिनों के लिए लंदन जाना पड़ा।
घर पर हम तीन ही लोग रह गए: माँ, इशानी और मैं।

जिस दिन पापा गए, उसी दिन से घर का माहौल थोड़ा ज़्यादा सुकून भरा हो गया।
उस सुबह माँ ने हल्की मुस्कान के साथ नाश्ता परोसा।

इशानी ने कहा, पापा के बिना घर कितना खाली-खाली लगता है।
माँ ने सिर हिलाया और कहा, हाँ, लगता तो है।
लेकिन कुछ दिन जल्दी ही बीत जाएँगे।

मैंने देखा कि माँ की साड़ी का पल्लू थोड़ा ढीला था,
जिससे उनके बूब्स का उभार साफ़ दिख रहा था।
इशानी की टी-शर्ट के नीचे उसकी ब्रा का स्ट्रैप दिख रहा था।
मैंने कुछ नहीं कहा; मैं बस खाना खाता रहा। (bro fuck sis story)

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शाम को इशानी ने कहा, अर्जुन, चलो आज कोई फ़िल्म देखते हैं
हम तीनों साथ में हैं। माँ मान गईं।
हम सब लिविंग रूम में सोफ़े पर बैठ गए;
इशानी मेरे बगल में बैठी और माँ दूसरी तरफ़।
फ़िल्म शुरू हो गई।

थोड़ी देर बाद, इशानी ने अपना सिर मेरे कंधे पर टिका दिया।
उसके बाल मेरे गालों को छू रहे थे।
मुझे महसूस हुआ कि उसके बूब्स हल्के से मेरे हाथ को छू रहे हैं।
उसने कुछ नहीं कहा। मैं भी चुप रहा। 

फिल्म के बीच में एक सीन आया जिसमें एक आदमी एक औरत को किस कर रहा था।
इशानी धीरे से हँसी। माँ ने कहा, ये लोग सच में हद पार कर देते हैं।

इशानी ने जवाब दिया, “माँ, ज़माना बदल गया है। (bro fuck sis story)
अब सब कुछ खुला है।
माँ ने कुछ नहीं कहा; वह बस टीवी देखती रही।

उस रात डिनर के समय, इशानी ने शॉर्ट्स पहने हुए थे।
जब वह पानी लेने के लिए उठी, तो उसका पिछला हिस्सा साफ़ दिख रहा था।
शॉर्ट्स के नीचे पैंटी की लाइन भी नहीं दिख रही थी।
मैंने नज़रें हटा लीं, लेकिन मेरे अंदर कुछ हलचल हुई थी।

डिनर के बाद, इशानी ने कहा, चलो कोई गेम खेलते हैं; हम बोर हो रहे हैं।
माँ ने पूछा, कौन सा गेम?
इशानी ने कहा, ट्रुथ एंड डेयर।
लेकिन सिर्फ़ वही डेयर जो घर के अंदर किए जा सकें, बाहर कुछ नहीं।

मैंने कहा, ठीक है।
लेकिन एक बार ‘ट्रुथ’ चुनने के बाद, उसके बाद हमेशा ‘डेयर’ ही करना होगा। इशानी हंसी।
तुम हमेशा से शरारती रहे हो।
माँ ने कहा, चलो खेलते हैं। मज़ा आएगा। (bro fuck sis story)

गेम शुरू हुआ।
इशानी ने माँ को एक डेयर दिया:
माँ, आपकी पैंट पसीने से भीग गई है।
मेरे शॉर्ट्स पहन लो। यहीं पर। हम दोनों अपनी आँखें बंद कर लेंगे।

माँ थोड़ी हिचकिचाईं।
मैं बाथरूम में पहन लूँगी।
इशानी ने ज़िद की, नहीं, माँ। यहीं पर।
जल्दी करो। माँ ने हमें आँखें बंद करने को कहा। हमने बंद कर लीं।

लेकिन मैंने अपनी आँखें थोड़ी खुली रखीं।
इशानी भी दूसरी तरफ़ देख रही थी।
उसकी आँखें भी आधी खुली थीं। (bro fuck sis story)

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माँ ने अपनी पैंट उतारी।
उन्होंने नीचे कोई पैंटी नहीं पहनी थी।
उनकी चूत सांवले रंग की थी और उस पर हल्के बाल थे।
मैंने उसे देखा। इशानी ने भी देखा। हममें से किसी ने कुछ नहीं कहा। माँ ने शॉर्ट्स पहन लिए।

जब उन्होंने आँखें खोलीं, तो मैंने देखा कि उनकी टी-शर्ट थोड़ी गीली थी।
उसके निप्पल्स साफ़ दिख रहे थे।

फिर मेरी बारी आई।
माँ ने कहा, अर्जुन, तौलिया लपेट लो और टॉपलेस हो जाओ। (bro fuck sis story)
इशानी हँसी। जल्दी करो। मैंने अपनी टी-शर्ट उतारी, फिर पैंट और अंडरवियर। मेरा लंड पहले से ही खड़ा था।

तौलिया लपेटने के बाद भी, उभार साफ़ दिख रहा था।
माँ और इशानी दोनों ने उसे देखा और धीरे से हँस पड़ीं। किसी ने कुछ नहीं कहा।

अब इशानी की बारी थी।
मैंने कहा, इशानी, अपने सारे कपड़े उतार दो और हमारे सामने नंगी हो जाओ। कोई तौलिया नहीं।
इशानी शरमा गई। तुम मेरे भाई हो। मैं कैसे कर सकती हूँ?
मैंने कहा, मैंने अपना दिखाया। अब तुम्हारी बारी है।

इशानी ने धीरे-धीरे अपनी टी-शर्ट उतारी।
उसके चूचे दिख रहे थे; उसके निप्पल्स थोड़े खड़े थे।
फिर उसने अपने शॉर्ट्स उतारे। उसकी चूत पर बाल थे।
कमरे में हल्की सी महक फैल गई।

माँ ने पूछा, इशानी, क्या तुम ट्रिम नहीं करती? इशानी ने जवाब दिया,
मैंने सुना है कि लड़कों को ऐसा ही पसंद है। (bro fuck sis story)
माँ ने मेरी तरफ़ देखा। अर्जुन, सच में? मैंने कहा, हाँ… ठीक है।

माँ ने अपनी टी-शर्ट उतारी।
उसके चूचे इशानी से बड़े थे, और निप्पल्स बड़े और गहरे रंग के थे।
उसने अपने शॉर्ट्स भी उतार दिए; उसकी चूत पर इशानी से ज़्यादा बाल थे।
उसने AC चलाया और नंगी होकर लेट गई। इशानी हैरान रह गई।

खेल जारी रहा। माँ ने कहा, अर्जुन, इशानी को पीठ के बल लिटाओ और उसके ऊपर लेट जाओ।
उसके चूचियों को दबाते हुए उसे किस करो।
और अपने लंड को उसकी चूत के पास रखो।

इशानी ने कहा, माँ, यह बहुत ज़्यादा हो जाएगा।
माँ मुस्कुराई और कहा, यह एक डेयर है। तुम्हें यह करना ही होगा।

मैंने इशानी को माँ के ऊपर लिटाया। मैंने अपने होंठ उनके होंठों से मिला दिए।
एक हाथ उनके बूब्स पर था, जबकि दूसरा माँ की जांघों के बीच फिसल रहा था। (bro fuck sis story)
मेरा लंड इशानी की चूत से सटा हुआ था।
दोनों के मुँह से एक साथ आह निकली। आह…

माँ की चूत गीली थी, और इशानी की भी।
मैंने उनके पैर फैला दिए; उनकी चूतयाँ एक-दूसरे को छू रही थीं।
मैंने थोड़ा थूक लगाया और दोनों को चाटने लगा। इशानी के मुँह से धीमी आह निकली।

आह… अर्जुन… आह…
माँ ने कुछ नहीं कहा; बस अपनी आँखें बंद कर लीं।

इशानी ने माँ के बूब्स चूसना शुरू कर दिया।
माँ ने इशानी के बालों पर हाथ फेरा।
मैं नीचे से उन दोनों को चाट रहा था। (bro fuck sis story)

इशानी की चूत से रस निकलने लगा; मैंने उस रस को अपने मुँह में लिया, ऊपर आया और दोनों को किस करते हुए उन्हें खिला दिया।

माँ ने मेरा लंड अपने हाथ में लिया। यह कितना मोटा है।
इशानी ने भी हाथ बढ़ाया। उन्होंने बारी-बारी से इसे चूसा।
माँ के होंठ गर्म थे; इशानी की जीभ नरम थी।
कमरे में बस चूसने की आवाज़ें और धीमी आहें गूँज रही थीं।


रात अभी शुरू ही हुई थी। पापा लंदन में थे।
घर में तीन नग्न लोग थे, और हमें रोकने वाला कोई नहीं था।

माँ ने मेरा लंड अपने मुँह से निकाला और धीरे से कहा,
अर्जुन, पहले अपनी बहन का ध्यान रखो।
वह लंबे समय से अकेली है।

मैं अभी बस देखना चाहती हूँ।
मैं कहीं नहीं जा रही हूँ। इशानी की साँसें तेज़ चल रही थीं।
उसने माँ की ओर देखा और फिर मेरी ओर।

माँ… क्या आप सच में यहीं रहेंगी? माँ ने सिर हिलाया। (bro fuck sis story)
हाँ। मैं तुम दोनों को अकेला नहीं छोड़ूँगा।
लेकिन आज रात, मैं बस देखूँगा। जो होना है, वह धीरे-धीरे होगा।

मैंने इशानी को सोफ़े पर सीधा लिटा दिया।
उसके बाल बिखरे हुए थे और उसकी छाती तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रही थी।
मैंने उसके एक चूचे को अपने मुँह में लिया
और धीरे-धीरे चूसा। इशानी ने आँखें बंद कर लीं और हल्की सी कराह भरी।

आह… अर्जुन… धीरे से… मैंने अपने हाथ से उसके दूसरे चूचे को दबाया। उसके निप्पल सख्त हो गए थे।
माँ सोफ़े के दूसरे सिरे पर बैठी थीं, उनके हाथ उनकी जाँघों पर रखे थे।
वह कुछ नहीं कह रही थीं; बस देख रही थीं।

इशानी ने मेरा हाथ पकड़ा और उसे नीचे की ओर ले गई।
अर्जुन… अगर तुम सच में ऐसा करना चाहते हो… तो धीरे से शुरू करो।
मुझे चोट मत पहुँचाना। मैंने अपनी उँगली उसकी चूत पर फेरी; वह पहले से ही गीली थी।

मैंने एक उँगली अंदर डाली। इशानी ने अपने चूतड़ थोड़े ऊपर उठाए।

आह… हाँ… बिल्कुल वैसे ही… मैंने दूसरी उँगली डाली और उन्हें धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा।
इशानी की चूत उनके चारों ओर कस रही थी।
उसने मेरी कलाई पकड़ ली, जैसे मुझे और अंदर जाने के लिए कह रही हो।
माँ ने धीरे से कहा, इशानी, अगर दर्द हो तो बता देना। (bro fuck sis story)
अर्जुन, जल्दबाज़ी मत करना। इशानी ने आँखें खोलीं और माँ की ओर देखा।

माँ… अच्छा लग रहा है। बस देखो। मुझे कोई शर्म नहीं आ रही है।

माँ ने कुछ नहीं कहा; वह बस अपनी साँसों को स्थिर करने की कोशिश कर रही थीं।

मैंने अपना लंड इशानी की चूत के पास रखा।
उसका टोपा पहले से ही गीला था।
इशानी ने अपने पैर चौड़े किए।
अर्जुन… धीरे-धीरे अंदर डालो। एक ही बार में पूरा अंदर मत घुसेड़ना।
मैंने उसे थोड़ा अंदर डाला। इशानी ने अपने दाँत भींचे।

आह… रुको… बस एक पल… मैं रुक गया।
उसने गहरी साँस ली और फिर कहा, अब और अंदर डालो। लेकिन धीरे-धीरे।

मैंने धीरे-धीरे अपना पूरा लंड अंदर डाल दिया।
इशानी ने अपनी आँखें कसकर बंद कर लीं।
उसके होंठों से एक लंबी कराह निकली। (bro fuck sis story)

आह… अर्जुन… यह पूरा अंदर है…
मैंने एक पल के लिए बिना हिले-डुले उसे अंदर ही रोके रखा।
इशानी ने अपनी उंगलियां मेरी पीठ पर फेर लीं। अब हिलाओ। धीरे-धीरे।

मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए।
हर धक्के के साथ इशानी के मुँह से हल्की सी आह निकलती।
आह… हाँ… बिल्कुल ऐसे ही… आह… माँ सोफे से उठीं और पास आकर बैठ गईं।
उन्होंने इशानी के बालों पर हाथ फेरा।

बेटा, अगर ज़्यादा लगे तो बता देना।
इशानी ने माँ का हाथ पकड़ लिया।
माँ… अच्छा लग रहा है।
बस मेरा हाथ पकड़ो। 

इशानी की चूत से गीली, थपथपाने जैसी आवाज़ आने लगी।
वह ताल के साथ अपने चूतड़ हिलाने लगी।

अर्जुन… और अंदर… पर बहुत तेज़ मत करना…
आह… माँ धीरे-धीरे इशानी के चूचियों को सहला रही थीं।
इशानी माँ की ओर मुड़ी और पूछा, माँ… आपको भी यह देखने में मज़ा आ रहा है, है ना? माँ ने अपनी नज़रें झुका लीं।

इशानी… अभी मत पूछो। बस आराम करो।

इशानी ने मुझे अपनी ओर खींचा और मेरे होंठों पर किस किया। (bro fuck sis story)
यह एक गहरा किस था; उसकी जीभ मेरे मुँह में चली गई।
मैंने दोनों हाथों से उसके चूचियों को दबाया और धक्के मारता रहा। इशानी कराह रही थी।

आह… अर्जुन… मैं चरमसुख तक पहुँचने वाली हूँ… रुकना मत…

मैंने उसकी कमर पकड़ी और और अंदर धकेला।
इशानी का शरीर अकड़ गया।
उसने माँ का हाथ कसकर पकड़ लिया और ज़ोर से कराह उठी।

आह… अर्जुन… हो रहा है… आह… उसकी चूत ने मेरे लंड को कसकर जकड़ लिया।
वह कांपते हुए चरमसुख तक पहुँची।

मैंने उसे अंदर ही रहने दिया।
इशानी हाँफ रही थी। माँ ने उसके माथे से पसीना पोंछा।
इशानी, क्या तुम ठीक हो? इशानी ने आँखें खोलीं और मुस्कुराई। हाँ, माँ… बहुत अच्छा लगा। फिर उसने मेरी ओर देखा।

अर्जुन… अभी बाहर मत निकालना।
थोड़ी देर ऐसे ही रहो। (bro fuck sis story)
माँ ने कुछ नहीं कहा; वह बस इशानी के बाल सहलाती रहीं।
कमरे में बस उन तीनों की साँस लेने की आवाज़ आ रही थी।
इशानी की चूत अभी भी लंड को जकड़े हुए थी। वह धीरे-धीरे साँस ले रही थी और उसने माँ का हाथ नहीं छोड़ा।

रात अभी खत्म नहीं हुई थी, फिर भी इशानी के लिए रात वहीं खत्म हो गई।
माँ बस देखती रहीं; उन्होंने और कुछ नहीं किया।

कहानी का अगला भाग – बहन के बाद अब माँ की चूत की ओपनिंग 

By Sapna

Hi friends, my name is Sapna. My sex stories are completely reel I only share experiences that have actually happened to me. In my stories, you will encounter a unique level of passion and wild abandon moments where I cross every boundary for the sake of love. My intensity is sure to leave you absolutely stunned. And yes, if you would like to become a part of my stories yourself, feel free to email me; you can find my email ID below.

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